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नेट सैलरी का हिसाब, कदम-दर-कदम

क्रम पर चलें तो नेट सैलरी आसान है: पेड दिनों की कमाई निकालें, लाइनें जोड़ें, फिर कटौती घटाएँ। यहाँ तीन उदाहरण हैं जो हर छोटे बिज़नेस में हर महीने आते हैं।

किस क्रम में करें

  1. हर लाइन की कमाई गई रकम = महीने की रकम × पेड दिन ÷ महीने के दिन।
  2. ग्रॉस सैलरी = कमाई गई लाइनों का टोटल, साथ में ओवरटाइम या बोनस।
  3. कटौती: कमाई गई बेसिक पर PF, ग्रॉस पर ESI, राज्य के स्लैब से प्रोफ़ेशनल टैक्स, TDS, एडवांस।
  4. नेट सैलरी = ग्रॉस सैलरी − कुल कटौती।

कुछ एम्प्लॉयर हर महीने 30 से भाग देते हैं या सिर्फ़ काम के दिनों से। सबके लिए एक ही तरीका रखें और अपॉइंटमेंट लेटर में लिखें।

उदाहरण 1: पूरा महीना, ESI लिमिट से ऊपर

बेसिक ₹15,000, HRA ₹6,000, कन्वेयंस ₹1,600, स्पेशल ₹2,400। अक्टूबर के पूरे 31 दिन पेड।

लाइनरकम
ग्रॉस सैलरी₹25,000
PF: ₹15,000 का 12%− ₹1,800
ESI: ग्रॉस ₹21,000 से ऊपर₹0
प्रोफ़ेशनल टैक्स (ऐसा राज्य जो ₹200 लेता है)− ₹200
TDS (साल में टैक्स बनने की उम्मीद नहीं)₹0
नेट सैलरी₹23,000

उदाहरण 2: ESI लगता है

बेसिक ₹10,000, HRA ₹4,000, स्पेशल ₹4,000 = ग्रॉस ₹18,000। पूरा महीना, ऐसे राज्य में जहाँ प्रोफ़ेशनल टैक्स नहीं।

लाइनरकम
ग्रॉस सैलरी₹18,000
PF: ₹10,000 का 12%− ₹1,200
ESI: ₹18,000 का 0.75%− ₹135
नेट सैलरी₹16,665

उदाहरण 3: तीन दिन लॉस ऑफ़ पे

वही कर्मचारी जो उदाहरण 2 में है। नवंबर में 30 दिन हैं; कर्मचारी ने 3 दिन बिना वेतन छुट्टी ली, इसलिए पेड दिन 27 हैं।

लाइनमहीने कीकमाई गई (× 27 ÷ 30)
बेसिक₹10,000₹9,000
HRA₹4,000₹3,600
स्पेशल₹4,000₹3,600
ग्रॉस₹18,000₹16,200

PF ₹9,000 का 12% = ₹1,080। ESI ₹16,200 का 0.75% = ₹121.50, ऊपर राउंड करके ₹122। कुल कटौती ₹1,202। नेट सैलरी ₹14,998 (Rupees Fourteen Thousand Nine Hundred Ninety Eight only)।

मेकर में ऐसे करें

  1. महीने के दिन 30 और पेड दिन 27 भरें। स्लिप पर लॉस ऑफ़ पे 3 दिन प्रिंट होता है।
  2. कमाई गई रकम टाइप करें (₹9,000, ₹3,600, ₹3,600)। मेकर लॉस ऑफ़ पे के लिए लाइनें अपने-आप नहीं काटता, इसलिए तरीका आपके हाथ में रहता है।
  3. PF, ESI, प्रोफ़ेशनल टैक्स और TDS निकालें दबाएँ: यह बेसिक वाली लाइन और ग्रॉस से ₹1,080 और ₹122 भर देता है (और अगर आपने राज्य और रिजीम चुना है तो प्रोफ़ेशनल टैक्स और TDS भी)।
  4. देख लें कि शब्दों में लिखी नेट सैलरी उस रकम से मेल खाती है जो आप ट्रांसफ़र करेंगे।

महीने में ओवरटाइम या बोनस

इन्हें अपनी अलग अर्निंग लाइन की तरह जोड़ें, जैसे "Overtime 10 hours ₹1,500"। इनसे ग्रॉस सैलरी बढ़ती है, इसलिए ESI फिर से जाँचें: अगर कर्मचारी उस पीरियड में कवर है, तो ओवरटाइम पर भी ESI कटता है। PF आमतौर पर सिर्फ़ बेसिक + DA पर निकलता है, इसलिए ओवरटाइम से वह नहीं बदलता।

आम गलतियाँ

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